शनिवार, 4 अगस्त 2012

केशुभाई ने कहा-नरेंद्र मोदी राक्षस

नई दिल्ली. 4 अगस्त 2012
केशुभाई पटेल

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है. राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पिछले कई सालों से चल रही तनातनी के बाद भाजपा के इस वरिष्ठ नेता ने नरेंद्र मोदी को राक्षस बताते हुए कहा कि गुजरात की जनता को अब इस राक्षस से मुक्ति पानी ही होगी. उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को भेजा है. उनके साथ इस्तीफा देने वालों में भाजपा के वरिष्ठ नेता कांशीराम राणा भी शामिल हैं.

भाजपा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेजने की घोषणा करते हुये केशुभाई पटेल ने कहा कि वो सत्ता के लोभ की वजह से पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं, अपने कुछ उद्देश्य की वजह से वो भाजपा से नाता तोड़ रहे हैं. उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर प्रहार करते हुये कहा कि गुजरात की जनता को मोदी सरकार से मुक्ति चाहिए, मुक्ति दिलाने के लिए वो अब काम करेंगे.

उन्होंने नरेंद्र मोदी को राक्षस बताते हुये कहा कि पुराने जमाने के किस्सों में जो राक्षस होते थे, उनकी जान कहीं किसी तोते में बसती थी. राक्षस को खत्म करने के लिए नायक उस तोते को मार डालते थे. ऐसे ही इस राक्षस की जान आपके वोटों में है. आप उसे वोट देना बंद कर दें और वह खत्म हो जाएगा.

केशुभाई पटेल ने कहा कि गुजरात की मोदी सरकार जनता से तो दूर हो ही गई है, अब अदालत का भी अनादर कर रही है. सालों बीत जाने के बाद भी मोदी ने राज्य में लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं की, और जब राज्यपाल ने लोकायुक्त नियुक्त कर दिया तो मोदी इसके खिलाफ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट चले गए. अदालत में भी मोदी की किरकिरी हो चुकी है. केशुभाई ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 2002 में मोदी को राजधर्म का पालन करने की सलाह दी थी. अब राज्य में लोगों की हालत देख कर मैंने प्रजा धर्म का पालन करने का फैसला किया है.

केशुभाई पटेल ने भाजपा की भी आलोचना करने से गुरेज नहीं किया. उन्होंने कहा कि भाजपा में सिद्धांत की बात नहीं रह गई है और अब भाजपा व्यक्ति विशेष की पार्टी बन कर रह गई है. आम जनता पार्टी से कोसों दूर होती जा रही है. केशुभाई पटेल ने कहा कि गुजरात की जनता का हित देखते हुये वे नई पार्टी बनाने जा रहे हैं.

Kokrajhad-hinsa by Janjwar

Kokrajhad-hinsa by Janjwar

शुक्रवार, 3 अगस्त 2012

bcm


The former Army Chief, V.K. Singh, offers coconut water to social activist Anna Hazare to break his fast demanding a strong Lokpal Bill at Jantar Mantar in New Delhi on Friday. Photo: R. V. Moorthy
The former Army Chief, V.K. Singh, offers coconut water to social activist Anna Hazare to break his fast demanding a strong Lokpal Bill at Jantar Mantar in New Delhi on Friday. Photo: R. V. Moorthy

कास्त्रो की किताब गुरिल्ला आफ़ टाइम का लोकार्पण




प्रतिरोध ब्यूरो    

Fidel Castro Cuban ex-president book launch memoirs latin america guerrilla of time
क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फ़िदेल कास्त्रो की किताब उनके बचपन से सत्ता तक का सफर है

क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फ़िदेल कास्त्रो लंबे समय बाद किसी सार्वजनिक समारोह में दिखाई दिए. इस बार वो अपनी किताब के लोकार्पण के दौरान लोगों के बीच आए.
 
अपनी किताब को उन्होंने शीर्षक दिया है- गुरिल्ला ऑफ़ टाइम. लगभग 1000 पेज की इस किताब में उनके बचपन से लेकर क्यूबा की ऐतिहासिक क्रांति और उनके सत्ता में आने तक का सफ़र है.
 
85 साल के कास्त्रो ने कहा कि क्यूबा के हर नागरिक का फ़र्ज़ है कि वो अंतिम समय तक क्यूबा, इस ग्रह और मानवता के लिए जूझे.
 
कम्यूनिस्ट पार्टी के अख़बार ने कहा है कि हवाना कन्वेंशन सेंटर पर हुआ समारोह छह घंटे से ज़्यादा समय तक चला.
 
ये किताब फ़िदेल कास्त्रो और पत्रकार कातियुस्का ब्लैंको के बीच हुई बातचीत पर आधारित है.
 
किताब कास्त्रो के बचपन से शुरु होती है और पाठकों को दिसंबर 1958 तक ले जाती है जब कास्त्रो और उनके समर्थकों ने सत्ता पलट कर दी थी.
 
किताब लॉन्च के मौके पर कास्त्रो ने समसामयिक विषयों पर बात की. उन्होंने मुफ़्त शिक्षा मिलने के अधिकार को लेकर लातिन अमरीकी छात्रों के आंदोलन की तारीफ़ की.
 
कास्त्रो ने अपने मित्र और वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज़ की तारीफ़ भी की और कहा कि उन्होंने अपने देश के लोगों के लिए बहुत काम किया है.
 
वे आख़िरी बार पिछले साल अप्रैल में कम्यूनिस्ट पार्टी का सम्मेलन में सार्वजनिक तौर पर दिखाई दिए थे.
 
कास्त्रो ने 2006 में अपने बाई राउल को राष्ट्रपति बना दिया था. उसके बाद से ही वे सुर्ख़ियों से दूर रहे हैं.

निसार मैं तेरी गलियों के, ऐ वतन, के जहाँ

चली है रस्म के कोई न सर उठा के चले

-फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
गोरखपुर में परमाणु संयंत्र विरोधी महारैली
प्रिय साथी,

फतेहाबाद, गोरखपुर परमाणु संयंत्र के विरोध में अनवरत दिए जा रहे धरने के 17 अगस्त को 2 वर्ष पूरे होने पर एक महारैली का आयोजन किया जा रहा हैं । इस परमाणु विरोधी रैली में विपक्षी पार्टियों के साथ टीम अन्ना व बाबा रामदेव को भी निमंत्रण दिया गया है।

गोरखपुर परमाणु संयंत्र विरोधी रैली में कई बड़ी हस्तियां शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। अगस्त 2010 में गोरखपुर परमाणु संयंत्र के विरोध में किसान संघर्ष समिति ने धरना शुरू किया था। किसान शुरू से ही कह रहे है कि गोरखपुर में प्रस्तावित परमाणु संयंत्र के लिए अधिग्रहण की जाने वाली 1503 एकड़ भूमि कृषि योग्य है।

साथ ही किसानों ने मांग की थी कि गोरखपुर के आस-पास का क्षेत्र सघन आबादी वाला है और सुरक्षा की दृष्टि से भी परमाणु संयंत्र गोरखपुर में उचित नहीं है। लगातार दिए जा रहे धरने में 3 किसान अपनी जान भी गंवा चुके हैं।

आप से अनुरोध की ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुच कर परमाणु संयंत्र विरोधी महारैली को सफल बनाए।

अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करें-

डा राजेंद्र शर्मा 09729915178
इलाहाबाद में काला क़ानून एवं दमन विरोधी सम्मलेन
प्रिय साथी,

यह समय सच के पक्ष में खड़े होने, सीमा, विश्वविजय जैसे हजारों, लाखों लोगों के पक्ष में मजबूती से बोलने, सत्ता परिभाषित राजद्रोह और आतंकवाद का तमगा चस्पा हो जाने का खतरा उठाकर भी अपने लोगों और लोकतंत्र के पक्ष में खड़े होने और अपनी आवाज़ बुलंद करने का है. आईए इस अघोषित आपातकाल और काले कानूनों के खिलाफ हम पूरी ताकत लगाएं. इस संघर्ष को कदम-दर-कदम आगे बढ़ाएँ. दमनकारी कानूनों के खिलाफ, अभिव्यक्ति कि आजादी के लिय, नागरिक अधिकारों और जीने के अधिकार कि गारंटी के लिय, सच्चे लोकतंत्र के लिय 26 जून को दिल्ली से शुरू हुए इस अभियान को राष्ट्रव्यापी स्वरूप देने के लिए आगामी 11 अगस्त, शनिवार को सुबह 11 बजे से इलाहाबाद विश्वविधालय छात्रसंघ भवन में काला कानून एवं दमन विरोधी सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. आईए इस सम्मेलन में शिरकत करें और आगे के संघर्षों को विकसित करने में भागीदार बने.

संपर्क:
काला क़ानून एवं दमन विरोधी मंच
ओ. डी. सिंह, कार्यक्रम संयोजक: 9151714105
के.के. पाण्डेय, सह-संयोजक: 9415366520
चितरंजन सिंह, राज्य अध्यक्ष, पी.यू.सी.एल. 09415249770